Israel-US Iran War : इजरायल और अमेरिका के साथ 21 दिनों से जारी जंग के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन की देश के लोगों के लिए भावुक कर देने वाली चिट्ठी सामने आई है। उन्होंने अपने देश के विभिन्न राज्यों के राज्यपालों को चिट्ठी लिखकर जंग प्रभावित राज्यों के नागरिकों को बुनियादी जरूरत वाली वस्तुओं की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने और उन्हें किसी तरह की कमी का सामना नहीं करने देने की अपील की है। पेजेश्कियन के इस भावुक पोस्ट ने ईरानियों का दिल जीत लिया है। पेजेश्कियन की पोस्ट यह दर्शाती है कि उन्हें अपने देशवासियों की जंग के बीच भी काफी चिंता है।
पेजेश्कियन ने पोस्ट में क्या लिखा?
पेजेश्कियन ने अपनी पोस्ट में लिखा, "प्रिय राज्यपालों, क्षेत्रीय प्रबंधन और सामाजिक शांति बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। उन पड़ोसी प्रांतों (राज्यों) को बुनियादी जरूरतों की आपूर्ति और सहायता प्रदान करने को गंभीरता से लें, जो अधिक हमलों का सामना कर रहे हैं। मुझे नियमित रूप से प्रांतों से रिपोर्ट प्राप्त हो रही हैं; लोगों को किसी भी कमी का अहसास नहीं होना चाहिए। मैं उन सभी की सराहना करता हूं जो...जो इस दिशा में पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम कर रहे हैं।"
हमले और आर्थिक संकट से जूझ रहे ईरानी राज्य
इजरायल और अमेरिका के हमलों से ईरानी राज्य आर्थिक संकट और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कमी का भी सामना कर रहे हैं। ऐसे में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन द्वारा प्रांतों के गवर्नर्स को यह संदेश जारी किया है। ताकि लोगों की मुश्किलों को कम किया जा सके। अमेरिका-इज़रायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के कारण ईरानी प्रांतों (provinces) में हमले, आर्थिक संकट, और सामाजिक अशांति का सामना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी नेतृत्व प्रांतों में बुनियादी जरूरतों (खाद्य, ईंधन, चिकित्सा) की आपूर्ति सुनिश्चित करने, पड़ोसी प्रभावित क्षेत्रों की मदद करने, और जनता में शांति बनाए रखने पर जोर दे रहा है, क्योंकि युद्ध ने कई प्रांतों में बुनियादी सेवाओं को प्रभावित किया है और विरोध प्रदर्शनों की आशंका बनी हुई है।
ईरान को हुआ है भारी नुकसान
21 दिनों की जंग में ईरान को भारी नुकसान हुआ है। 28 फरवरी को पहले दिन के अचानक हमले में ही इजरायल और अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत उनके की वरिष्ठ अधिकारियों को मार डाला था। इसके बाद इजरायल और अमेरिका ने ईरान के सिक्योरिटी हेड रहे अली लारीजानी, खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब, ईरानी सेना के कमांडर अली मोहम्मद जैसे शीर्ष सैन्य कमांडरों को मारकर ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसके साथ ही इजरायल और अमेरिका ने ईरान के तेल और प्राकृतिक गैस ठिकानों समेत सैन्य बेस और न्यूक्लियर प्लांट पर बड़े हमले किए हैं। जवाब में ईरान भी इजरायल और अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर पूरे मिडिल-ईस्ट में हमले कर रहा है।